Opinion

हम जनैत छी, तोँ सब हमरा मारऽ आयल छे। गोली मार, कायर !

“हम जनैत छी, तोँ सब हमरा मारऽ आयल छे। गोली मार, कायर ! तोँ सब बेसी सँ बेसी एकटा मनुख्खकेँ माइर रहल छे।”

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 चे ग्वेभाराकेँ शहादतसँ पहिनेके अन्तिम कथन ।

९ अक्टूबर, १९६७, कमरेड चे ग्वेभाराकेँ लाश एकटा स्ट्रेचर पर राखल गेल आ बोलिभियाकेँ भेलेग्रैन्डमे ‘सेनोर डी माल्टा’ अस्पतालकेँ बज्जर बरामदामे संसार भरिकेँ प्रेसके आगू प्रदर्शित कयल गेल।

पूर्वी बोलिभियाकेँ एहि छोट सन शहरकेँ स्थापना ई. १६१२ मे भेल, आ ई अपन औपनिवेशिक आकर्षण अखनो बचा कऽ रखने अछि। पहाड़ आ उपत्यका सबसँ घेरायल आ अपन उँचाईकेँ कारण भेले ग्रैन्ड समशीतोष्ण जलवायू बला शहर अछि। लेकिन, एहि शहरकेँ प्रसिद्धिके असली दावी दुनियाँके सब सँ प्रसिद्ध क्रान्तिकारी, अर्जेन्टिनामे जन्मल ‘अर्नेस्टो चे ग्वेभारा’ अछि।

फोटो शूटके बाद, ग्वेभाराके हाथ काइट देल गेल आ ओकरा ला पाज (तात्कालीन बोलिभियाक राजधानी), आ फेर औँठा छाप मिलानकेँ लेल अर्जेन्टिना पठओल गेल। अन्हार भेलाक बाद, बोलिभियाइ सेना सब आ सी.आइ.ए.केँ एजेन्ट सब चे के शरीरकेँ एकटा अज्ञात साम्प्रदायिक श्मशान घाटमे लऽ जा कऽ गाइड़ देलक, जतह ओ तीन दशक तक रहल।

भेलेग्रैन्डमे अखनो अस्पताल चलिए रहल अछि, लेकिन अस्थायी मुर्दाघर आब तीर्थस्थलमे बदैल गेल अछि, जतह अन्तराष्ट्रीय आगन्तुकसभ देवाल पर बनल भित्तिचित्र सबकेँ चे ग्वेभाराकेँ स्मृतिमे श्रद्धान्जली अर्पित करैत अछि, आ जइमे चे के प्रसिद्ध नारा लीखल छै –

‘हैस्टा ला भिक्टोरिया सिएमप्रे!’ (जीत तक, हमेशा !) ।

कब्बर परके पाथर ग्वेभाराकेँ मूल विश्रामस्थल चिन्हित करैत अछि। कब्बर चे के श्याम श्वेत तस्वीर सबसँ भरल अछि – अर्जेन्टिनामे एकटा किशोरक रूपमे, क्यूबामे ‘फिडेल कैस्ट्रो’ आ ‘कैमिलो सिएन फ्यूगोस’ संङ्गे, आ ‘चे’ केँ अनेकोँ अभियानमे केऽ दृश्यसब।

एतह चे संङ्गे शहीद भेल ३७टा जन सेनानीके सम्मानमे एकटा पट्टिका सेहो अछि – क्यूबा, बोलिभिया, अर्जेन्टिना आ पेरूके लोकसब। बहरा चे आ हुनकर शहीद साथी सबकेँ स्मृति पाथर सबसँ उद्यानकेँ सजायल गेल अछि।
लाल सलाम कमरेड चे आ साथी शहीदसब!

रोशन जनकपुरी

रोशन जनकपुरी

[Roshan Janakpuri] लेखक, मैथिली साहित्यकार , प्रकाशित पुस्तक: समय गीत