Ghazal

मैथिली गजल: मनीष

मैथिली गजल

नोरक संगे हमर मनोरथ बहि गेलै
भावक एकटा भीत छल से ढहि गेलै

हम तोहर के तों हम्मर के बाज कने
मोनक एकटा मीत छल से कहि गेलै

आन की बूझत पीड़ा कते मारुख छै
गत्र-गत्र जे चोट गँहिरगर गहि गेलै

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पाँति कएटा लिखि ओकरे लेल राखल
के सूनत से लीखल अहिना रहि गेलै

एमकी जतन करै छी हृदय अजबारब
कतेक बरख सँ अजबारल जे नहि गेलै

– गजलकार: मनीष

मनीष जीक पूर्ण नाम मनीष झा अछि। झा कविता, गीत आ गजल तिनु क्षेत्रमे धरगर कलम चलाबैत आबि रहल छथि। साहित्य-सङ्गीत लेखनमे रूचि रखितो सिनेमाक पर्दामे अपनाकेँ उतारबाक लेल संघर्षरत छथि।

विद्यानन्द वेदर्दी

Vidyanand Bedardi is Editor of Ilovemithila.com . Poet, Lyricist, Maithili Activist. he is from Rajbiraj, Saptari. विद्यानन्द वेदर्दी जी एहि वेबसाइटके सम्पादक छथि। मैथिली भाषा अभियानी छथि। हिनका "विशिष्ट अभियन्ता सम्मान" अन्तर्राष्ट्रिय मैथिली सम्मेलनमे सम्मानित भेल छल। Email - [email protected]

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