Ghazal

मैथिली गजल: करूणा झा

मैथिली गजल,

बिजली एलै घर-घर सबहक बुद्धि बिलेलै
लोक कहाँ भेल चर-फर सबहक बुद्धि बिलेलै

वेद, पुराण, महाभारत, रामायण, गीता पढ़िक 
तेज़ कहाँ चेहरापर सबहक बुद्धि बिलेलै

कनमा, भूटबा, छोटका, बड़का, काका, भैया 
नोट गनै छै कर-कर सबहक बुद्धि बिलेलै

दारू-गाजा-बीड़ी-सिगरेट-अफीम-चरस सब 
पीबिकऽ करै छै गड़बड़ सबहक बुद्धि बिलेलै

संस्कार, संस्कृति, सामाजिक रीति-नीति-अनुशासन 
सबटा गेल अछियापर सबहक बुद्धि बिलेलै

शान्ति-अहिंसा-सत्य कहै छै प्रकृति प्रदत्त छल 
गोली चलै छै तर-तर सबहक बुद्धि बिलेलै

“करुणा” मिथिला बिसरि गेल अप्पन मर्यादा 
गरसि गेलैक कोन अजगर सबहक बुद्धि बिलेलै

रचनाकार

करूणा झा , राजविराज ,सप्तरी

Gajendra Gajur

Gajendra Gajur is Editor of Ilovemithila.com . Maithili Language Activist. He is Also Known for Poetry. गजेन्द्र गजुर जी एहि वेबसाइटक सम्पादक छथि। कवि सेहो छथि। Email- [email protected]

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