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लोकतन्त्र भेल बिमार : सन्तोष सिंह

देखियौ लोकतन्त्र भेल बिमार,
करियौ न मल्हमपट्टीके कोनो जुगार !
जनतासभ भेल छै पुरै लाचार ,
बाैक भेल , ‌स्वतन्त्र मिडिया सञ्चार !!

कमिशनमे डुबल छै पत्रिका अखबार ,
जेना, बरदहट्टाके दलाली होइ छै छपैला समाचार !
भेटै ला मुस्किल छै सच्चा पत्रकार ,
सेटिङ्गसे देश चलै सब मालामाल !!

भाषणमे नेता सब कहै भ जेताै सु-शासन,
चुनावक बाद भ जेत माहाभारतके दुसासन !
ईहे खेतीसे चले छै कौरव कार्यकर्ता सबके ‌रासन,
आन्धभक्त ताली मारै सुइनके भाषण !!

बिमार लोकतन्त्रके देखके बाबा करै बिचार,
पतञ्जलीसे करैय लोकतन्त्रके उपचार !
के- नइँ जानै छै बाबाके व्यवसाय कारोबार,
देश लुइटके लजाइ छै ‌चुप्प छै सरकार !!

न्यायाधीश मांगै छै मन्त्रीके कोटा,
कर्मचारी मांगै पैसाके मोटा !
कार्यकर्ता मारै कर्मचारीके पुलिसवला सोटा,
लोकतन्त्र भेल बिमार नारा भेल समुच्चा !!

न्यायलय हटाके बनाउ पागलखाना,
जनताके “कर” खाएके जनताके मारै ताना !
सरकारमे बढै़ल छै एक से एक नमुना,
जल्दीसे वैद्य बोलाउ, लजाउ वैद्यखाना!

लोकतन्त्रके उपचार बहुत जरुरी अछि ,
स्वतन्त्र विचारक सम्मान सेहो जरूरी अछि !
सु-शासनके गीत गाबैला बाकीए अछि ,
विधिके सासन लाबही के बाँकी अछि !!

आठ -‌ दश पढ़लहाके कतेक चर्चा,
साँच बात बजेवलाके भोट नै दै ला बटैय पर्चा !
महाधिवेशनमे उड़य पैसाके गर्दा ,
जनता कपार पे बढ़य दिन प्रति कर्जा !!

Santosh Singh

कवि : सन्तोष सिंह

हाल: न्यूयोर्क अमेरिका कार्यरत,

घर: गोलबजार नगरपालिका-१०(सिरहा)

बितल १ वर्ष देखी अमेरिकेसँ अपन कलम चलाइब रहल छथि। बिशेष तह: मैथिली माटि पानिसँ जुड़ल समय सन्दर्भिक कविता लेखै छै। देशक अवस्थापर चिन्तीत, सन्तोष सिंह कोइरी जी अपन मातृभाषामे रचना लिखै छथि। अपन लेखनसँ साहित्यीक चेतना देखेनिहार रचनाके इ एकटा उदाहरण अछि। – I Love Mithila

Gajendra Gajur

Gajendra Gajur is Editor of Ilovemithila.com . Maithili Language Activist. He is Also Known for Poetry. गजेन्द्र गजुर जी एहि वेबसाइटक सम्पादक छथि। कवि सेहो छथि। Email- [email protected]

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