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मिथिलाक माटि-पानिमे, मैथिली सङ्गीतक खानिमे चमकैत अनमोल हीरा : तेजू मैथिल

Music Journey of Teju Maithil in Short By Vidyanand Bedardi

नेपालीय मैथिली मौलिक सङ्गीत क्षेत्रमे समर्पित आ शक्रिय सङ्गीतकार आङुरपर गनल जा सकैत अछि – लेजेण्डमे धीरेन्द्र प्रेमर्षि, सुनील-प्रवेश मल्लिक, गुरुदेव कामत, मुरलीधर, शैलैन्द्र विश्वकर्मा, राजेन्द्र निखिल आ युवातुरमे संजय यादव, राजकुमार यादव, निल घटानी, दीपेन्द्र राम सङ्ग ताहि नामावलीसबहक एकटा प्रतिनिधी युवा नाम – ‘तेजू मैथिल’ अछि।

सप्तरी जिला, फूलबरिया निवासी तेजू मैथिल दृष्टीसँ कमजोर रहितोँ कला आ क्षमतासँ बेजोड़ छथि। वि.सं. २०७१ सालमे रेडियो कान्तिपुरसँ प्रसारित ‘हेल्लो मिथिला’ द्वारा पहिल रेकर्डेड गीतकार विद्यानन्द वेदर्दीद्वारा रचित ‘निर्मोही अहाँके यादमे’ बिछोह आ ‘डिजाइन बड्ड डेन्जर’ मनोरञ्जनात्मक गीतक प्रसारणसँ मैथिली सङ्गीत क्षेत्रमे प्रवेश कएलनि। एहिमे थप ८ गीत समावेश करैत शैलैन्द्र विश्वकर्माद्वारा सङ्गीतबद्ध हिनक ‘१० गीत १० स्वाद रहल’ एलवम ‘चहटगर चटनी’ विराटनगरक अन्तर्राष्ट्रिय मैथिल सामाजिक अभियन्ता सम्मेलन ई २०१६ ( वि.सं. २०७२) मे धीरेन्द्र प्रेमर्षि आ अजित आजादक हाथे लोकार्पण भेल जाहिक ‘अपन मिथिलाक भैया जवाब नइँ कोनो’ आ ‘ABCDEFGHI, हमरा कनियाँ पढ़बैए भाइ’ बेस्स लोकप्रियता लोढ़लक। तेँकर बाद लेजेण्ड गायक राम मण्डलक सङ्ग ‘चलू मिथिला-राज आब लकऽ रहबै’ गीत गएबाक अवसर पएलनि जेँ गीत नेपालक मिथिला राजक मुद्दामे सशक्त स्वर बनि गुञ्जयमान आ लोकप्रिय भेल। ‘प्राण हमर मिथिला’ ( वि.सं. २०७३) एलवममे प्रवीण नारायण चौधरीक शब्दमे, हिनके पार्शव सङ्गीतमे आ हिनक गुरू विद्या मिश्राक सङ्गमे ‘ हे सबहक जग्गजननी माँ, चरणनमे प्रणाम’ डुवेट गएलनि आ मैथिली भक्ती-भजन गीतमे अपन बेछ्प छाप छोड़लनि। एहि एलवमक ‘छोड़ब नइँ कहियो, दै छी वचन अहाँके कसम प्रिया’ (ज्योती विश्वकर्माक सङ्ग डुवेट), ‘भले हो शरीरक गढ़नि दुर्बल’ आ ‘नाम हमर मैथिल भैया, चेहरा बदलि सकै छौ’ गाबि फेरसँ चर्चाक परचम लहरेलनि। तहिना धीरेन्द्र प्रेमर्षिक शब्द आ सङ्गीतक ‘हम सीया छी’ एलवमक ‘दहेज दहेज मिथिलाकेर व्यथा दहेज’ मे पार्श्व गायन कऽ अपन साङ्गीतिक करियरमे नव उच्चाइँ प्राप्त कएलनि। एलवमक बाहेक गीतसब जेना ‘ मधेशपुत्र चल निकल तु आजादीके ओर रे’, दीवानी अहाँ दिलचोर्नी, ‘ककर बाट तकै छे तु’ आ शुभाष विरपुरिया सङ्ग ‘सिना तानिकऽ कहब हम छी मैथिल बाबू’ सुष्मा झा सङ्ग ‘नील गगनके चान अहाँ’, ‘मिथिला अपन देश’, ‘बड्डा नीक लागए मिथिलाक माटी’, ‘पीबाक अछि हमरा पीबि लै छी कोनो बहाना’ लगायत दर्जनो गीत चर्चामे रहल आ अखनधरि हिनकर स्वर आ सङ्गीतमे दू दर्जनसँ बेसी गुणस्तरिय गीतक रेकर्ड भ’ चुकल अछि।

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आध दशकसँ बेसी समर्पित युवा सङ्गीतज्ञ तेजू मैथिल नैन्हिएसँ फूलबरिया गामक लोकप्रिय गबैया रहल हुनक बाबू जी स्व. पूलकीत यादवसँ प्रेरित भऽ सङ्गीत क्षेत्रकेँ अपन करियरक रूपमे छनोट कएलनि। एहिमे औपचारिक रूपेण सङ्गीत शिक्षा लेल सङ्गीतज्ञ विद्या मिश्रा आ शैलेन्द्र विश्वकर्मा सानिध्य भेटल अछि। धरान, विराटनगर, राजविराज, लहान,  जनकपुर, काठमाण्डू, जोगबनी आ मधुबनीक सओसँ बेसी मञ्चिय अनुभव रहल छनि। ॐकार सङ्गीतालय लहानमे दर्जनो शिष्य आ तीनटा निजी विद्यालयमे प्रशिक्षक रूपमे सङ्गीत प्रशिक्षण दऽ रहल छथि। गायक, सङ्गीतकार, रेडियोकर्मी, हास्य कलाकार सहित बहुआयामीक व्यक्तित्व रहितो अपनाकेँ सुच्चा मिथिला अभियन्ताक रूपमे परिचय करेबामे गौरव करैत छथि। ओ नेपालक दोसर व्यक्ति छथि जेँ पाग लगाकऽ नागरिकता लेने छथि। ( पहिल : महेन्द्र मण्डल ‘बनबारी’ )  ओ अखन मैथिल युवासबहक शक्रिय संस्था सङोर मिथिला नेपालक केन्द्रिय उपाध्यक्ष आ सशक्त मैथिली संस्था मिथिला साहित्य-कला प्रतिष्ठान नेपाल (मिलाफ नेपाल) क संस्थापक सदस्यरूपमे सेहो आबद्ध छथि। लहानस्थित रेडियो समाद, रेडियो सौगात, रेडियो समग्र होइत हाल रेडियो सरगम ९३ मेगाहर्जमे १२ वर्षक संचार क्षेत्रक अनुभवक सङ्ग मैथिली विविध कार्यक्रम संचालन करैत आबि रहल छथि। Education मे +2 पास ककऽ ब्याचलर पढ़ाई सेहो आगू बढ़बैत लहान, सिरहाकेँ केन्द्र बनाकऽ  प्रदेश आ देशस्तरमे अपन कलाक चमक पसारऽ मे आ मैथिली अभियानमे निरन्तर समर्पित छथि। मैथिली मौलिक, लोक आ शास्त्रीय सङ्गीत परसिकऽ सङ्गीतमादे मैथिली भाषाक महक दूर-दूरधरि गमकेबाक संकल्प लक’ चलैत तेजू मैथिल पैघ आयोजनसब बीच भाषा वैज्ञानिक डा. रामावतार यादव, पूर्व गृह मन्त्री विमेलन्द्र निधी, प्रदेश नं. २ अर्थ मन्त्री शैलेन्द्र प्रसाद साह, प्रदेश नं. १ सामाजिक विकास मन्त्री जयराम यादव आ प्रदेश नं. २ मुख्यमन्त्री लालबाबु राउतद्वारा सम्मान पत्रक ग्रहण सहित सम्मानित भेल छथि।

२८ वर्षिय गायक मैथिल जन्महिसँ आँसिक दृष्टीविहिन छलनि हाल ६ वर्षसँ पूर्णत: दृष्टीविहिन छथि। एहन प्रतिभाकेँ आगू बढ़ा अपन माटि-भूगोलकेँ सान बढ़ेबामे प्रदेश २ मधेश सरकार दिससँ पहल करबाक अत्यन्त जरूरी रहल अछि।


मैथिलीक दू प्रसिद्ध सङ्गीतज्ञ कहैत छथि।

” सीताराम झा बादक ई दोसर प्रतिभा छथि मिथिलाक जँकरामे महान् सङ्गीतज्ञ रविन्द्र जैनक गूण देखैत छी। “
–  विद्या मिश्रा, राजदेवी सङ्गीत-कला केन्द्र विराटनगर ।

” हृदयमे मिथिला-मैथिली सजा क’ आवाजक साज बजौनिहार साजिन्दाक नाम छियैक तेजू मैथिल। हिनक एहने भावना आ साधनामय यात्राक हार्दिक शुभकामना। “
धीरेन्द्र प्रेमर्षि,नेपाल सङ्गीत तथा नाट्य प्रज्ञा प्रतिष्ठान, काठमाण्डू।

● प्रस्तुति – विद्यानन्द वेदर्दी, मैथिल पुनर्जागरण प्रकाशक लेल।

विद्यानन्द वेदर्दी

Vidyanand Bedardi is Editor of Ilovemithila.com . Poet, Lyricist, Maithili Activist. he is from Rajbiraj, Saptari. विद्यानन्द वेदर्दी जी एहि वेबसाइटके सम्पादक छथि। मैथिली भाषा अभियानी छथि। हिनका "विशिष्ट अभियन्ता सम्मान" अन्तर्राष्ट्रिय मैथिली सम्मेलनमे सम्मानित भेल छल। Email - [email protected]

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