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मैथिली साहित्यकारलोकनिके किए अछि कलमके नोक भोँथियाएल ?


 

बात जँ मैथिली साहित्यसँ सुरू करी तँ सायद गप्प किछू आओर भ' जाएत तइँ मूल विषयपर चर्चा केनाइसँ पहिने किछू ऐतिहासिक बात उल्लेख करब ।

र्तमानक नेपालक स्वरुपके बात कहि तँ सन् १८१६ मार्च ४ मे भेल तत्कालिन नेपालक राजा आ इस्ट-ईन्डिया कम्पनी बीचमे भेल ‘सुगौली-सन्धि

‘ याद करऽ पड़त। सुगौली-सन्धिसँ पहिने नेपालक स्वरुप वर्तमानक नेपालसँ बहुत नम्हर छल।¹

Sugauli treaty

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प्रारम्भमे किछू आधारभुत बातसभ

वर्तमानक नेपालक स्वरुपके बात कहि तँ सन १८१६ मार्च ४ मे भेल तत्कालिन नेपालक राजा आ इस्ट-ईन्डिया कम्पनी बीचमे भेल ‘सुगौली-सन्धि’ याद करऽ पड़त। सुगौली-सन्धिसँ पहिने नेपालक स्वरुप वर्तमानक नेपालसँ बहुत नम्हर [1] छल । जकरा अखन “The Greater Nepal” कहिक’ सेहो बहुत नेपाली लेखक आ शोधकर्तासब लिख रहल छथि।

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हँ,जखन ओइ ग्रेटर नेपालअखन पाया ओही पार आ एहि पार कहिक’ जे बाँटल मैथिल आ मिथिला अछि से एक्कहिटा आ एक्कहि देशमे छलनि। आओर ओहुँसँ पहिनेक इतिहास देखबै तँ मिथिला ( तिरहुत,विदेह ) राज्यके अपने अस्तित्व² अछि। मिथिलाक भूभाग आ संस्कृति नेपालक इतिहासोसँ १०० ओ वर्ष पुरान अछि जे सबटा जग जाहिर अछि। ओहिपर हम एखन केन्द्रित करब नइँ।

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आब हालके बात करैत छी नेपाल भारतक बेटी रोटी सम्बन्धके। तँ ई सम्बन्ध ओहि समयसँ अछि जहिया नेपाल नेपालो नइँ रहैक आओर ईन्डिया अखनोक ईन्डिया नइँ रहैक । भारत वर्षमे अनेकानेक राज्यसब रहैक । दक्षिणके हिन्द महासागरसँ लकऽ उत्तरके हिमालय श्रृंखलाधरि भारतबर्ष पसरल छल आ अछिए । राजनीतिक हिसाबे अलग- अलग होइतो नेपाल,पाकिस्तान,भुटान सहित भारत ओहि भारतबर्षके हिस्सा अछि । ताँहि भारतबर्षके एक संस्कृति सु-सम्पन्न भूभाग अछि मिथिला जेकर छातीपर एकटा लकीर पारि उत्तर दक्षिणमे बाँटि देल गेल। राजनैतिक सिमानामे देश अलग अलग होइतो अखनधरि एहि पारे ओहि पारे मिथिला केबल मिथिला भ’ क’ रहल अछि। नइँ दक्षिण-बरिया मैथिल केवल भारतीय आओर नइँ उत्तर-बरिया मैथिल केवल नेपाली भ’ सकल, हमरा दृष्टीए । ओ दुनू सदैव रहल तँ केबल मैथिल।

संदर्भिक समाचार
इतिहासमे नाम केकर लिखाबै छै ? : युवा सक्षमता दिवस, i love mithila ,Maithili Ghazal ,,Gajendra gajur

ओना मिथिला विना मधेश कल्पना नइँ कएल जा सकैत अछि मुदा राजनीतिमे अखन आबि पाछू पड़ल अछि मिथिला ।

समय समयपर राजनीतिमे अनेकानेक उथल-पुथल अबैत रहैत अछि । ओहि उथल-पुथलके संक्रमनकालिन समय ( transitional period ) मे अनेक राजनीति शक्ति अपन वर्चस्व कायम करबाक कोशिस करैत अछि आ ओहि शक्तिद्वारा अनेको भाषा, संस्कृति आ इतिहासके ओझेल करबाक जेलझाल सेहो कएल जाएत अछि। सहए भेल दक्षिण-बाँरी मिथिलामे। मधेस आओर मिथिला। राजनीति शक्तिके प्रभावमे हजारौं बरख पुरान आ जिवित नाम मिथिला ओझेल कऽ गेल आ नव नाम मधेश अगाडी आबि खड़ा भगेल अछि, विभिन्न राजनीति मोर्चापर। ओना मिथिला विना मधेश कल्पना नइँ कएल जा सकैत अछि मुदा राजनीतिमे अखन आबि पाछू पड़ल अछि मिथिला ।

मैथिली साहित्यकारलोकनिके किए अछि कलमके नोक भोँथियाएल ?

मुल विषयमे 

ओहि मधेश आ मिथिलाके सन्दर्भसँ अपन मुल विषयपर आबैत छी। नेपालक दक्षिण भागमे पूर्व पश्चिमधरि पसरल तराईके मधेश कहल जाइत अछि। बहुत पहिनेसँ पहिचानके लड़ाइ लड़ैत आबि रहल तराईक बासिन्दा बि•स• २०६२/६३ के आन्दोलन आ तेकर बादके आन्दोलनसबमे कनिक बेसीँ उजियार ढंगसँ मधेशीके नामसँ आगू देखल गेल । ओना ओहुँसँ पहिने किछू आओर उदाहरणसब भऽ सकैए।ओहि पहिचानके आन्दोलनमे मैथिलसब सेहो उतरल मधेशी पहिचान लेल आ ओतहि मधेश आगू आ मिथिला पाछू भऽ गेल जेकर अनेक राजनैतिक कारणसब अछि। ओहि आन्दोलनसँ तराई बासीमे आएल आत्म-सम्मानके भावसँ ‘मधेसी’ शब्दके आओर तागत पहुँचल आ ओतहिसँ राजनीति रुपमे मैथिल कमजोर भऽ गेलथि हमरा हिसाबे। ओहि राजनीतिके चपेटामे पड़ि गेल मैथिली भाषा आ मिथिला राज्यक अवधरणा ।

1. जखन ओना बेर-बेर मैथिलसबद्वारा मैथिली भाषा आ प्रदेश नम्बर दूके नाम मिथिला प्रदेश होबाक चाही से अड़ान आ जिकिड़ कएल जाएत अछि। संगहि एहि विषयपर मैथिली साहित्यकार सबहक सेहो पूर्ण जोड़गर सहमति रहैत अछि से हमरो बड्ड बेसी बुझाइत अछि। हमहूँ ओहि पक्षमे अपन अवाज बुलन्द करैत रहैत छी आ करैत रहब । ओकर अनेक कारणसब अछिए। 

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2.  मिथिला राज्य आओर प्रदेश लेल सब मैथिल कलमकार अपन कलमसँ किछू न किछू लिखैत रहैत छथि । मुदा आइशजखन मैथिल संस्कृति परम्पराके नेपाल सरकारद्वारा नागरिकता विधेयक लाबि तोड़बाक जे षड्यन्त्रकारी काज कएल जा रहल अछि तखन किया मैथिल साहित्यकारसब अपन कलमके मोसि सुखा बैसल छथि ? जँ अधिकारके लडाइमे नाँगड़ि मोड़िक’ नुका रहबै तहन कोन मुहसँ अपन नाम आ पहिचान लेल आवाज उठाएब ? अखनक मिथिला,मधेशमे नागरिकता सम्बन्धि बिधेयकपर जोर-शोरसँ विरोध भऽ रहल अछि । से जायज अछि। ओतहि मैथिलक पैघ पैघ साहित्यकार लगाएत नभतुरियासब पान-माछ-मखानक गुण गाबैएमे व्यस्त छथि। विभिन्न प्राज्ञसब चुप्पी लाधि बैसल छथि। एतेकधरि कि सरकार आ सत्ता विरुद्धमे लिखल गेल पोस्ट आ बल्गपर लाइक,कमेन्ट करऽधरिसँ बचि रहल छथि। 

एक-आध नभतुरियाके पोस्ट छोड़ि हमरा अखनधरि कोनो पैघ मैथिली साहित्यकारके कलमसँ एहि विधेयक विरोध आ समर्थनमे लेख आ विचार नइँ अभरल अछि हमरा। एकरा कोनाक’ लेल जाए ? ई जे सात वर्षक बाद वैवाहिक अंगिकृत नागरिकता देबऽ कऽ बिधेयक जे लाबि रहल अछि सरकार से कि उचित अछि ? जँ नइँ तँ अपने नभतुरियासब चुप्पी लधने किए बैसल छी ? कहू अपनेके ई डर तँ नइँ जे हमर नागरिकता विधेयकके पक्षधर मित्रसब रूहि नइँ जाए । आओर प्राज्ञसब कहुँ एहिसँ तँ नइँ डराइत छथि जे हमर मैथिलीके नामपर जे भत्ता आबि रहल अछि से छिनि लेल जाएत ।

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 अपनेके कहुँ ई लगैत अछि जे नागरिकता विधेयक अनुचित नइँ अछि किए कि भारतमे सेहो वैवाहिक अंगिकृत नागरिकताक लेल ७ बरखक प्रावधान अछि । तहन हुन्का सबके लेल हम जनकारी करा दी जे भारतमे नोकरी करबाक लेल,जन्मदर्ता लेल आर पासपोर्ट लेल नागरिकता आव्शयक नइँ अछि। दोसर बात ओहि ठाम आओर बहुत प्रमाणपत्रसब अछि जे अहाँक कोनो सुबिधा पएबासँ वन्चित नइँ करत मुदा नेपालमे नागरिकता बिनु कोनो काज सम्भव नइँ अछि। अगर सरकार नागरिकताके विकल्पमे कोनो प्रमाणपत्र जारी करौक जे नेपालमे विवाह ककऽ आएल विदेश महिलाक लेल नोकरी करबाक पासपोर्ट बनेबाक आ बच्चाके जन्मदर्ता करबाक लेल कोनो व्यवधान नइँ हौक तहन ई विधेयक किछु लायक भऽ सकैए । अगर ई सभ भऽ जाए तहन कि ! मुदा नेपाल सरकारक रबैया आ मधेशीप्रतिक नजरिया देखल जाए तँ ई केवल मिथिलांचलक एहि पारे ओहि पारे मिथिलाक जे बेटी-रोटीके अजर-अमर सम्बन्ध अछि ओकरे ध्वस्त करबाक मनोरथ भेटत।

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तँए एहि विषयपर सम्पूर्ण मैथिल पैघ (अग्रज ) आओर नभतुरिया साहित्यकारसभके कलम चलेबाक लेल हार्दिक आग्रह करैत छी। अगर एहन समयमे जँ चुकबै तँ अहाँ मैथिली आ मिथिलाके अभियानी अपने-आपके कोना कहबै आ कहेबै ? हमरा नजरिमे मात्र पान-माछ मखाने नइँ अछि मिथिला आओर बहुत किछू अछि। ई लेख पढिक’ किनको ठेस लागल होए तँ क्षमा चाहब । अन्तमे फेरसँ कहब जे अपने सड़कपर नइँ जाएब तँ कोनो बात नइँ मुदा कलम पकड़ि संग दी अधिकारक सड़क-युद्धमे।

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समाप्त

Images Credit Goes to

https://en.wikipedia.org/wiki/Greater_Nepal
https://www.quora.com/Was-Dehradun-a-part-of-earlier-Nepal
https://www.quora.com/Is-Greater-Nepal-possible-in-the-present-time
https://imartnepal.com/blog-article/art-of-mithila-a-living-tradition/
https://www.karobardaily.com/index.php/news/society/8337

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मैथिली गजलइतिहासमे नाम केकर लिखाबै छै ? : युवा सक्षमता दिवस, i love mithila ,Maithili Ghazal ,,Gajendra gajur

लेखक 

राम अधिन सम्भव

Gajendra Gajur

गजेन्द्र गजुर जी एहि वेबसाइटक सम्पादक छथि। [email protected]

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