Monday, April 19, 2021
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मैथिली कविता ‘सन्तोषक स्वाद’ : धीरेन्द्र प्रेमर्षि

मुख्य विजेता बनबा जोगर भलहि ने भेटलह 'भोट'खुआक' जगतक मूह मिठौलह मिथिलाकेर अमोटदेखि-सूनिक' हमरोसभकेँ भेटल हौ 'सन्तोष' परमअपन हुनरसँ देशक नाँ चमकेबासँ...

“ई कोन जुग एलै गै माइ” स्वामी शैलेन्द्र एकटा मैथिली कविता

आङ्गनसँ उसरैत इजोत सङ्ग उदास बेहाल बिलखैत लोक बेवश लाचार ठाढ़ जिनगी बन्द खिड़की केबाड़सँ ताकैत लोक

विमला देवक तीनटा कविता

नारीके आबो स्वरुप बदलक चाही.. विमला देवक कविता ,पहिने छलै ओ शांत सरोबर उग्रकोशी बनि बहक चाही पहिने छलै फूल कमलके काँट कटार आब बनक चाही

स्वामी शैलेन्द्रक दूगोट मैथिली कविता

१. सर्वस्वीकार तोँ होश कर तोँ होश कर, अबोधके बोध तोँ क्षुद्र सार अहम् विस्तार कामके रूप तोँ पल-पल हरेक पल विष अग्निके आहार तोँ साँस उधार देह...

‘यात्री’ क मैथिली कविता ‘विलाप’

● विलाप नान्हिएटा छलहुँ, दूध पिबैत रही राजा-रानीक कथा सुनैत रही घर-आङ्गनमे ओंघड़ाइ छलहुँ कनिया-पुतरा खेलाइ छलहुँ मन ने पड़ै अछि, केना रही लोक कहै अछि, नेना रही माएक कोरामे दूध...

अशोक अमनक पाँचटा मैथिली कविता

 पहिल मैथिली कविता● नेहोरा हे! हमर समाज हम दूर भऽ जाए चाहै छी तोहर छत्रछायासँ तोहर बहुरुपी परिधिसँ कतहुँ आन ठाम आ बनबऽ चाहै छी अपन अलग टोल हँ हौ मानवताक टोल तोरासँ...

मोहन महतो कोइरीके पाँचटा मैथिली कविता

१) शिर्षक : परदेश मे आबि गेलौ माँए दूर्गा पूजा, हम छी गे परदेश मे । छुटि गेलौ सब पिङ आ झिझिया, छी हम दु:खक कलेश मे ।। अबिते...

अहमद साहिलक पाँचटा कविता

१. हम कठोर हम एकटा उपाइ पता लगेने छी अइ भीड़सँ भाग' लेल [youtube https://www.youtube.com/watch?v=2Yu3Hlbta8o] जखन हम घरसँ बाहर निकलैत छी हम छोड़ि दै छियै अपना भीतरक किछु अवशेषकेँ केवाड़ीक दोगमे जखन...

राकेश कुमार झाक पाँचटा कविता

१. मधेशक दशा – बोध हे चन्द्रचूड , हे जगन्नाथ , हे विश्वम्भर विश्वनाथ , हे महाकाल , हे भुतनाथ , हे प्रएलंकार लोकनाथ, हे दीनबन्धु,की कहि...

विजेता चौधरीक पाँचटा कविता

पहिल कविता- आह्वाहन   शब्दक अगिनबान मारि अक्षरक दंशसँ बेहोशीमे पडल, भकुआएल सभकँे समयक थापड मारि जगेबाक दुस्साहसमे डर होइत अछि हम कविता एतेक कठोर एतेक तिख्ख नहि लिखली जे मनुक्खक गराक काँट भऽ...

रमेश रञ्जनक पाँचटा मैथिली कविता

https://www.youtube.com/watch?v=A2v-HCne-ZI&t=81sरमेश रञ्जनक अप्रकाशित कविता पहिल कविता - अन्तर्य आगुंरक स्पर्शठोढ़क कम्पनहृदयक गुदगुदीप्रेम/सिर्जनकआनन्ददायी स्मरणएखनो अतितकदुधिया इजोतक स्नानअह्लादक अछि पुतरीक नाचचिड़ैयक गायनहिलोराक आसजीवनयात्राकसुदुर अतीतमेहेरा गेल बुझाइए नइँ बिसराएल अछिबर-कनियाँक खेलखेलक...

देवेन्द्र मिश्रक पाँचटा मैथिली कविता

देवेन्द्र मिश्रक पाँचटा मैथिली कवितापहिल कविता  "ई सभक मैथिली"जे जहिना बाजए ।सएह छियै मैथिली ।।जे अहाँ बजैछी, सएह छियै मैथिली ।।ई हमर मैथिली,ई अहाँक...

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international women’s Day पर विशेष रचना

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैथिलीमे रचित छ'टा रचनाकारक रचना प्रस्तुत अछि । ६. गजल: त अहीँ कहु...

Mithila Food Festival काठमाण्डुमे मिथिलाक स्वाद !

मङ्गलदिन दुपहरसँ उत्पला क्याफे( Utpala Cafe ) आइ धरि निरन्तर तीन दिन मिथिलाके भोजनके स्वाद लेल गेल। Mithila Food Festival नाम...

बङ्गाली विद्यार्थी जँका कोनो दिन अपनोसभकेँ आन्दोलन करेैले तयार रह’ पड़त

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