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कतार एयरवेजमे एक दिन : A Maithili Love Story

हम अन्तिम बेर ओकरासँ विदा लेबाक लेल हाथ बढौने रही,ओ किछु नइँ बाजि अपन हृदयसँ साटि लेली..

बात सम्भवत: एक बरख पुरान अछि।खाड़ीसँ अपन देश नेपाल जाइत रही।एक दिस गाम जएबाक अकुलाहटि रहए.. दोसर दिस टिकटके मंहगी।कि करु कि नइँ? समझमे नइँ अबैत रहे.. एहनमे कम्पनीद्वारा कतार एयरवेजके टिकट देनाइ बुझू जे पाथर तकैतमे महादेव भेटनाइ भेल।मोन प्रसन्नतासँ झुमि उठल।सब सोपिङसब कएल।सामानसबके जतनसँ पैकिङ कएल।तकराबाद अपनाहिसाबे जएबाक सबटा तयारी पूर्ण कएल।भाग्यक खेल ककरा पूर्ण रुपे बुझल रहैछै? सबकिछु तयारी क’ मोनमे अथाह आस आ नैनमे अनेक सपना सहेजि बेरसपति दिन कैम्पसँ निकललौं।साँझ ५:५० के फ्लाइट रहए।

एयरपोर्ट त पहुँच गेलहुँ मुदा पता नइँ किए… हमर ओ फ्लाइट रद्द भऽ गेल।मोनमे बहुत कचोट भेल।हृदय हुचकि उठल।घर जेबाक ततेक ने जल्दी रहए.. लागए काल्हि से आइ, आ आइ से एखनहि तुरंत पहुँच जाइ।सायद दू बरख भऽ गेल रहए ने गाम गेला? ताँहिसँ.. जे जेना.. कहबी छैक जे “होहि ओही जो राम रचि राखा” सएह भेल ओहि दिनक फ्लाइट हमर कैन्सिल भेल।ओना भर्पाइ नइँ देलक कतार एयरवेज सेहो नइँ।देलक।मुदा तैयो घर जेबाक बेर एहन भर्पाइके कोन खगता?

जे,जेना, हमरा आ एकगोट आओर रहैक नेपालिए।ओ दुनूगोटेके एकटा स्टैन्डर होटलमे आवासके सुविधा देलक।खूब मजगर खाना खुवेलक।तकराबाद 900 कतारी रियालके पर्ची सेहो धरादेलक।ओना ई पैसा कतारमे आ कि नेपालमे सेहो ल’ सकैत छी।कतारमे त समय भेटल नइँ। तें नेपालेने ल’ लेब से सोचलहुँ।रातिभरि स्मृतिमे अनेकानेक चित्रसब सिनेमाक पर्दा जकाँ अबैत-जाइत रहल।कर घुमि-घुमि सुतबाक अनेरे प्रयास करैत रहलहुँ।आँखि एक टक्क भऽ निन्नके निहारैत रहल..

स्टाफसँ जनतब भेल जे भिन्सरबेमे 3:50 के फ्लाइट अछि।समयपर गाडी आएल।दुनूगोटेके ल’ क गेल।मोनमे प्रसन्नताक डाइर पसैर गेल।किछुए क्षणमे हमसब एयरपोर्ट पहुँचलौ।अहमद इन्टरनेशल एयरपोर्ट-दोहा-कतार।सत्ते नामी-गामी मात्रे नै देखएमे सेहो अलौकिक एयरपोर्ट।चारुदिस हरियर कंचन समुन्दर सँ मेह्रल चौमुहान।उपरमे चमचम चमकैत तरेगनजकाँ चिकमिकिया बत्ती आ तै पर सँ झिलमिल-झिलमिल बरैत रंगबिरंगा बलसबसँ आओर एयरपोर्टके दृष्य अनुपम लगैत छल।

एयरपोर्टकके समुच्चा जाँच पडताल केलाक उपरान्त कतार धुजाबाहक विमान -QR 644 मे पैसलहुँ।जेहने लम्बा चिलगड़ी तेहने ओइमे काज करए बाली चिकन-चिकन लड़कीसब।खूब सीट-साट केने,पेन्हने-ओढने आ ललका कलरक लिपिस्टिकसँ चमचम करैत ठोर।उपरसँ एक मुस्की आ चुन द’- वेलकम सर’ के सम्प्रेषण सत्ते मोनमे आनन्दक हिलोर उठादेलक।भीतर पैसलौं।A साइडके १३(तेह्र) नम्बर सीटपर बसि प्लेन भीतरसँ खिडकी माहे एयरपोर्टक बाहिरी सुन्दरता देखैत रही।खूब रमनगर लगैत रहए।क्षणेमे पजरा सँ आवाज आएल-“Hello May I seet here please? This is my seat,sorry!”
ध्यान भंग भेल।हब्बर-हब्बर जेबीमे रहल बोर्डिङ कार्ड देखलौं। ओह ठीके ई त एकरहि सीट छै।हम्मर त एकर पजरा बला १४(चौदह) नम्बरके अछि।खिन्नता भेल।फुर्फुराक उठिगेलौ।”Yeah sure” कहलियै। ओ इन्चभरि मुस्की दैत “थंकू” कहली।हमहू मुस्कीया देलियै।

विमान किछु देर बाद अपना गतिमे उड़ लागल।किछु देर उड़लाक बाद आ गति समान्य भेलाक बाद एयरहोस्टेजसबद्वारा खाना ओ पिनाके सेवा देल गेल।हम फिस-राइस एन्ड बियरके अर्डर केलहुँ।ओ रेड लेबल पिली।हम मोस्किलसँ दू टा क्यान बियर पिबिसकलहुँ। ओ त तीन गिलास घट-घट मारि देली।सायद ओ बाह्रयमुखी प्रतिभाक व्यक्ति छली।वा भऽ सकैए दारु पिलाक बाद बजबाक हिम्मत आबि गेल होइक।अथवा इहो भऽ सकैए जे हृदयके भीतर दबाक’ रखने बिछोहक पीड़ा ओ शराबक गन्ध संगे उगलि देब’ चाहैत हेती।जे होइक मुदा ओ जे अपन जीवन कथा एकतर्फी बाजब शुरु केली हम शान्त भऽ सुनैत रहलहुँ आ भावुक होइत गेलहुँ।

संदर्भिक समाचार

ओना त ओ जखने इन्चिभरि मुस्कीयाक’ हाइ के सम्प्रेषण देने छली मोन तखनहि भीतरसँ झुमि उठल छल।पाच हाथके नमगर-पोरगर,पतरे छितर युवती,छुरा सन अत्ते के खरगर नाक,पानसन पतरे ठोर,ठीक करिसमा कपुर सन ब्लु आँखि आ गोल्डेन कलर सँ हाइलाइट केने केश।सत्ते ओ देखएमे जतेक सुन्दर छली,फिगर ओतबे आकर्षक।सोचने रही-यौंग छी,इनरजेटिक छी।अंग्रेजीयो बाज’ आबि जाइअ।मज्जासँ ई ४ घन्टा कटि जाएत।कहबी छै ने जे रोगी मनाबे से वैद्य फरमाबे।सएह भेल।४ घन्टाधरि जिनगीक सबटा कथा-व्यथा ओ सुनादेली।ओकर बातसब सँ पुरुषद्वारा धोखा खेने आ जिनगीसँ तंग आबिगेल एक निरीह स्त्री लगैत छली।ओ बेर-बेर अपन ब्वायफ्रैन्ड ‘डेबिड’ प्रति दुख आ घृणा उगलैत छली।ओकरे लेल जोब,माए-बाप अतेधरि जे अपन कमाइ सेहो नेवछाबर क’ देने बात सुनि हमर नैन नोराइत रहल।मुदा ओ धोखा शिवाय आओर किछु नइंँ द’ सकल बात ओ बेर-बेर दोहरबैत छली।हमरा पता छल ओ एकटा पुरुष आगु दोसर पुरुष बारे जहर उगलि रहल छैक।मुदा तैयो पता नइँ किए हम ओकराप्रति उदार,भावुक आ कारुणिक होइत जा’ रहल छलहुँ।हमरा त लागल छल जे रसियन वा युरोपियन महिला-पुरुषसबमे अतेक सिरियस प्रेम होइते नइँ हेतै।कारण ओहिठाँ त सालमे दू टा ब्वायफ्रैन्ड आ तीनटा गर्लफ्रैन्ड परिवर्तन करब समान्य बात थिक।ई बात हम ओकरासँ विभिन्न प्रसंगमे पुछबो केलियै मुदा जखन ओ अपन अनुभूति सुनेलक।हमर इहो भ्रम सीसाके गिलासजकाँ चकनाचुर भऽ गेल।

अपना हिसाबे हम बहुते आश्वासन देलियै।

जिनगीक विभिन्न भाग,किछु इतिहास,किछु उदाहरण आदिसँ ओकरा ओ बिगतप्रतिके आशक्ति एवं वर्तमानमे बचबाक उत्साहबर्धन लेल प्रेरित करबाक यथासम्भव कोसिस केलैयै।किछु हदतक सफल भेलहुँ सायद।समय अपना गतिमे चलिए रहल छल।देखिते-देखिते काठ्मान्डौ पहुँच गेलहुँ।लैन्डिङके समय भऽ गेल।यधपी गप बहुत रास बाँकिए रहिगेल जेना लगैत छल।जे जेना ओकर मनोभावनासँ अते तक त लागल जे ओ किछुए सही मुदा जीवनप्रति आशाबादी त भेलैए।बेर-बेर आत्महत्या करबाक जे सोचैत रहै तकर सम्भावना न्युण त भेलैए।
हमसब लैन्डिङ क’ अत्यावश्यक चेकजाँच ओ समान ल’ त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय विमान स्थलके एयरपोर्टसँ बाहर निकलबाक लेल मुख्य गेटपर रही।आब छुटबाक लेल विदाबारीके समय रहए।४ घन्टा पहिने अन्जान रहल ‘एसेला’ एखन एकदम घनिष्ट मित्र बनिगेल छली।हम विदा लेल कहैते रही कि ओ बजली-Nice too meet u Alok. But i request u, कि अहाँ हमरा अपन जिनगीक एक राति द’ सकैत छी? हम अहाँ संगे ओहि एक रातिमे अपन समुच्चा जिनगी जीव’ चाहैत छी” ओकर ई मृदुलभाषामे चमत्कारी प्रस्ताव सुनिक’ एकबेर त अवाक्क भऽ गेलहुँ।पुरुष मोन पहिने त सुनिएक झुमि उठल।सुन्दर,दिव आ अक्रामक यौवन पाछु लट्टु भऽ गेल मुदा तुरन्त आत्मा खबरदारी केलक।मस्तिष्क ब्रेक लगेलक।एहन काज नइँ करबाक लेल प्रेरित केलक।

हम संकुचित स्वरमे उत्तर देलियै-“Asela, हम जनैत छी हमर जिनगीमे अतेक लगसँ साथ खोजए बाली अहाँ पहिल लड़की छी।

मुदा हम दू बरख पर घर जा” रहल छी।हमर बाबू-माए,भाय,बहिन,सै-समाज आ हमर अपन हृदेश्वरी धर्मपत्नी हमरा लेल बाट जोहैत हेती।हमर आगमन लेल अपन नैन बिछौने हेती।तें हे प्रिय हमरा माफ करु।हम अहाँक एहिमे सहयोग नइँ क’ सकब।एहि लेल हम भीतरसँ बहुत दुखित छी तथापी हमर मैथिल संस्कार सेहो एहि बातक हमरा अनुमती नइँ द’ रहल अछि। I am sorry dear”

ओ किछु भावुक आ दुखित स्वरमे उत्तर देली-” वाह आलोक! अहाँ कते महान! विवशतामे हमरासंग अहाँ चलू हम नइँ कहि सकैत छी।संगे हमरा प्रसन्नता भेल जे अहाँ अपन संस्कार आर अपन सम्बन्धीके अतेक बेसी प्रेम करैत छियै।दू बरखधरि अहाँ पत्नी लेल आ पत्नी अहाँ लेल प्रतीक्षा केलक इएह अपने आपमे बड़ पैघ बात छियै।वास्त्वमे हमर खोज अहीँ सन पुरुषके अछि।ओ Devid जे हमरा मोन खराब भेल त ठीक हेबाक तकके प्रतीक्षा नइँ क’ दोसर लड़कीसंग डेटिङ पर चलिगेलै।अहाँ,अहाँक अपनलोक आ अहाँक संस्कार ठीके कते महान!

हम अन्तिम बेर ओकरासँ विदा लेबाक लेल हाथ बढौने रही। ओ किछु नइँ बाजि अपन हृदयसँ साटि लेली।बहुतदेर तक सटलाक बाद पर्ससँ निकालि एकटा भिजिटिङ कार्ड हमर हाथमे पकरा’ हमरा दिस नइँ देखि फटाफट ट्याक्सीमे बैसबाक लेल चलि गेली।बहुतेदेर तक ओकरा देखिते रहिगेलहुँ ओ नजरिसँ ओझेल भेलाक बाद धरफराक भिजिटिङ कार्ड देखलियै।कार्डमे लिखल रहैक- [email protected]
ओकरा भेटबाक लिलसा मोनमे फेरसँ तीव्र भऽ आएल।

कथाकार

विन्देश्वर ठाकुर
दोहा-कतार

Ugana Shankar Thakur

He is editor of i love mithila

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