Saturday, March 6, 2021
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जन्मदिन पर गजलकार दीप नारायणक पाँचटा गजल !

प्रस्तुत अछि Deep Narayan के Maithili Ghazal 5. नैतिकता केर मान दीपक: Maithili Ghazal सुरूज...

दीप नारायण विद्यार्थीक पाचँटा मैथिली गजल

साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कारसँ पुरस्कृत  दीप नारायणक पाँचटा गजल प्रस्तुत अछि...मैथिली गजल क्रम संख्या एककी-की नञि हमरा करेलक ई जिनगीअँगुरी पर सदिखन नचेलक ई...

मैथिली गजल : करूणा झा

प्रस्तुत पाँचटा मैथिली गजल [soundcloud url="https://api.soundcloud.com/tracks/855516847" params="visual=false&show_artwork=false&maxwidth=1050&maxheight=1000&dnt=1&auto_play=false&buying=false&liking=false&download=true&sharing=true&show_comments=true&show_playcount=true&show_user=true&color=" width="100%" height="200" iframe="true" /] बिसरिकऽ अहाँके हम जियब कोना ? हदसँ बेसी हियाक दर्द सहब कोना ? अश्रुधारके पेआला हाथ थमा...

मैथिली गजल :मैथिल प्रशान्त

प्रस्तुत अछि मैथिली गजल... मैथिली गजल १ आगि लगाब' पर उताहुल छै ओ सभ गामकेँ जराब' पर उताहुल छै ओ सभ बाट साँचक चलब नहि छै सहज आब हरिश्चंद्रकेँ...

मैथिली गजल: माे. अशरफ राईन

प्रस्तुत अछि पाँचटा गजल ... बैस बिच देहरी प हमरो केओ बाट देखैत हेतै निनेमे हथाेरैत मुदा सुनसान खाट देखैत हेतै जँ नसीबमे गरिबिक रेखा तानल छै...

मैथिली गजल :विन्देश्वर ठाकुर

विन्देश्वर ठाकुर जीक पाँचटा मैथिली गजल प्रस्तुत अछि... ओ ठकैत गेलै हम ठकाइत गेलियै बस अदहनके भाफ जकाँ भफाइत गेलियै रहियै हम ओकरा लेल सिलेट परके आँखर ओ...
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Mithila Food Festival काठमाण्डुमे मिथिलाक स्वाद !

मङ्गलदिन दुपहरसँ उत्पला क्याफे( Utpala Cafe ) आइ धरि निरन्तर तीन दिन मिथिलाके भोजनके स्वाद लेल गेल। Mithila Food Festival नाम...

बङ्गाली विद्यार्थी जँका कोनो दिन अपनोसभकेँ आन्दोलन करेैले तयार रह’ पड़त

विश्वके आधुनिकिकरण सङ्गे भाषामे व्यापक असर पड़ैत गेल अछि। जानकारसभ बतबैत छथि जे विशेष खतरामे मातृभाषा अछि। एहने सन्दर्भमे अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस...

‘भाषाक विखण्डनमे तैनात सिपाही खबरदार ! : विजेता चौधरी

भाषाक विखण्डनमे तैनात सिपाही ! खबरदार सहि सकैत छी बरू विष्फोटबरू अागिमुदा किन्नहुँ नहि सहबविखण्डन अा अन्यायमातृभाषाक विखण्डनमे तैनातनवका...

चन्द्रशेखर लाल ‘शेखर’ क पाँचटा मैथिली कविता

१. अहीँक नामपरनोरक सागर हेलैत एलौँखेपैत कहुना जामपर ।सगर राति हम दीप जरेलौँअकसर अहीँक नामपर ।।टुग्गर भेल निदरदीक बस्तीएखनोधरि असिआएल छी ।थाहैत...